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Shivaratri 2019 : How to do महाशिवरात्रि Pooja Vidhi at Home

Shivaratri 2019: How to do Shivratri Pooja Vidhi at Home ?

Shivratri 2019 : महामृत्युंजय मंत्र के लाभ और विधि 

Shivratri: It is said to be one of the best days among 365 days because it is the day wherein the energy frequency of Lord Shiva and Shakti – Maa Parvati is extremely high.

On eve of Shivratri, there are many devotees who often ask me as of what to do the night of MahaRatri.

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Although there are many Shiv Mantras, Pooja Vidhan for Shivratri, Rudra Havan and Rudrasthayee Path due to the shortest of time zone especially in urban, I prefer to simple Shiv Poojan with the chanting of 108 names of Lord Shiva.

It is said and believed that those who chant 108 names of Lord Shiva on eve of Shivratri get bless not only by Shiva and Parvati but s/he also get wealth and health as Lord Shiva is Deity of Victory over death ( Mrityunjay Devta ).

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Hence one should chant Maha-Mrityunyay Mantra before chant 108 names of Lord Shiva.

Procedure  for Shivratri Pooja :

1)    Take a bath at night of Shivratri.

2)    Wear White/Yellow Dhouti ( for men ), Saree for Women.

3)    Sit down on White/Yellow Asana facing toward North.

4)    In front, placed wooden plank, a white cloth and place Shivlinga ( in absent of Shivalinga place picture of Lord Shiva )

5)    Now take water in right hand and say I ( Nirav Hiingu ) son/daughter of ( says your parents name with gotra ) performing Shiva Poojan on eve of MahaShivratri to achieve health and blessing of Lord Shiva and Parvati.

6)    Drop the water on the ground.

7)    Take Kalasha filled with Non-Pasteurised Milk, Water and Black Til ( Sesame ) and pour slowly with Laghu or Mahamrityunjay Mantra.

8)    Now pour Pure Water or Gangajal on Linga.

9)    Now apply Chandan Paste saying: Mrityunjay Mantra given below.

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Shivratri 2019 : How to do Shivratri Pooja Vidhi at Home?

Do Shivratri Pooja at Somnath Temple – at Saurashtra ,Gujarat .

महामृत्युंजय मंत्र :

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंष्टिवर्धनम् 

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

लघु महामृत्युंजय मंत्र :   ॐ हौं जूं सः

अमृत महामृत्युंजय मंत्र:  ॐ जूं स माम् पालय पालय स: जूं ॐ

10)    Now with same mantra offer rice, flower, Belpatra, Dhoop, Deep ( Ghee Lamp ) and Naivaidya to Lord Shiva

11)    Now Chant 108 name of Lord Shiva and along with every mantra offer Bilipatra(Belpatra) to Lord Shiva on Linga.

Lord Shiva 108 Names – शिव 108 नामावली

1) ऊँ श्री सर्वभूतहराय नम:

2) ऊँ श्री शास्वताय नम:

3) ऊँ श्री शमशानवासिने नम:

4) ऊँ श्री तपस्वने नम:

5) ऊँ श्री महारुपाय नम:

6) ऊँ श्री वृषरुपाय नम:

7) ऊँ श्री स्वयम्भूभूताय नम:

8) ऊँ श्री विशालाक्षाय नम:

9) ऊँ श्री घोरतपसे नम:

10) ऊँ श्री महावलाय नम:

11) ऊँ श्री नीलकण्ठाय नम:

12) ऊँ श्री उमापतये नम:

13) ऊँ श्री कमण्डलुधराय नम:

14)ऊँ श्री सर्वशुभकराय नम:

15) ऊँ श्री रूद्राय नम:

16) ऊँ श्री कालाय नम:

17) ऊँ श्री प्रेतचारिणे नम:

18) ऊँ श्री महेश्वराय नम:

19) ऊँ श्री नर्तकाय नम:

20) ऊँ श्री सहस्त्रहस्ताय नम:

21) ऊँ श्री कामनाशकाय नम:

22) ऊँ श्री अजिताय नम:

23) ऊँ श्री गम्भीरघोषाय नम:

24) ऊँ श्री महाकाय नम:

25) ऊँ श्री प्रशान्तात्मने नम:

26) ऊँ श्री सर्वर्विग्रहाय नम:

27) ऊँ श्री उग्रचेतसे नम:

28) ऊँ श्री कालकंठकराय नम:

29) ऊँ श्री अमुरवाय नम:

30) ऊँ श्री दुर्वाससे नम:

31) ऊँ श्री लोहिताक्षाय नम:

32) ऊँ श्री सर्वचीरनिवासनाय नम:

33) ऊँ श्री रवगाय नम:

34) ऊँ श्री रौद्ररूपाय नम:

35) ऊँ श्री वासदेवाय नम:

36) ऊँ श्री भिक्षुरूपाय नम:

37) ऊँ श्री वज्रहस्त्राय नम:

38) ऊँ श्री ईश्वराय नम:

39) ऊँ श्री कालाय नम:

40) ऊँ श्री पिनाकपतये नम:

41) ऊँ श्री नन्दीकराय नम:

42) ऊँ श्री महालिंगाय नम:

43) ऊँ श्री योगाध्यक्षाय नम:

44) ऊँ श्री पशुपतये नम:

45) ऊँ श्री अक्षराय नम:

46) ऊँ श्री शुद्धात्मने नम:

47) ऊँ श्री अग्निज्वालाय नम:

48) ऊँ श्री शंकराय नम:

49) ऊँ श्री केदारनाथाय नम:

50) ऊँ श्री रामेश्वराय नम:

51)) ऊँ श्री काशीविश्वनाथाय नम:

52) ऊँ श्री सोमनाथाय नम:

53) ऊँ श्री महाकालेशवराय नम:

54) ऊँ श्री ममलेश्वराय नम:

55) ऊँ श्री ओमकारेश्वराय नम:

56) ऊँ श्री भीमाशंकराय नम:

57) ऊँ श्री त्र्यम्बकाय नम:

58) ऊँ श्री घृणेश्वराय नम:

59) ऊँ श्री नागेश्वराय नम:

60) ऊँ श्री बैजनाथाय नम:

61) ऊँ श्री अमरनाथाय नम:

62) ऊँ श्री कैलाशवासिन्याय नम:

63) ऊँ श्री देवदेवश्वर नम:

64) ऊँ श्री द्वादशाय नम:

65) ऊँ श्री कालपूजिताय नम:

66) ऊँ श्री भस्मभूताय नम:

67) ऊँ श्री ताम्रोष्ठाय नम:

68) ऊँ श्री वंशकराय नम:

69) ऊँ श्री सर्वांगरुपाय नम:

70) ऊँ श्री महादंष्ट्राय नम:

71) ऊँ श्री गिरिजापतये नम:

72) ऊँ श्री महादेवाय नम:

73) ऊँ श्री चन्द्रवक्त्राय नम:

74) ऊँ श्री देवदेवाय नम:

75) ऊँ श्री कैलाशगिरिवासने नम:

76) ऊँ श्री नीलकण्ठाय नम:

77) ऊँ श्री सर्वयोगिने नम:

78) ऊँ श्री योगाय नम:

79) ऊँ श्री महानागहनाय नम:

80) ऊँ श्री त्रिलोचनाय नम:

81) ऊँ श्री जटाधराय नम:

82) ऊँ श्री सर्वभूतात्मने नम:

83) ऊँ श्री मस्तके शशिधराय नम:

84) ऊँ श्री सहस्त्रपादे नम:

85) ऊँ श्री सहस्त्रवाहवे नम:

86) ऊँ श्री पद्मगर्भाय नम:

87) ऊँ श्री अनन्तरूपायं नम:

88) ऊँ श्री नीलमौलये नम:

89) ऊँ श्री उमापतये नम:

90) ऊँ श्री वरदाय नम:

91) ऊँ श्री निर्वाणाय नम:

92) ऊँ श्री देवासुखप्रदाय नम:

93) ऊँ श्री सर्वपावनाय नम:

94) ऊँ श्री सुरगणाय नम:

95) ऊँ श्री अचिंन्त्याय नम:

96) ऊँ श्री भूत नाथाय नम:

97) ऊँ श्री अर्द्ध नारीश्वराय नम:

98) ऊँ श्री जगत पतये नम:

99) ऊँ श्री गौरागे नम:

100) ऊँ श्री संयोग बर्धनाय नम:

101) ऊँ श्री त्रिजटाय नम:

102) ऊँ श्री निर्गुणाय नम:

103) ऊँ श्री निरुंकार रुपाय नम:

104) ऊँ श्री करालम महाकालाय नम:

105) ऊँ श्री गौर गम्भीर स्वरुपाय नम:

106) ऊँ श्री सिंह शार्दूल रुपाय नम:

107) ऊँ श्री भूत प्रेत चरिणे नम:

108) ऊँ श्री मुदिताय नम:

12)    After the offering 108 Belpatra , once should chant Shiva Mantras 5 Mala,11 Mala, 51 Mala or 108 Malas or as per your capacity to chant in one night.

13)    If you are unable to chant Mahamrityunjay Mantra then there are Laghu Mrityunjay Mantra also once can chant.

14)    After Chant one should chant kshama prarthana mantra.

अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।

दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥1॥

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न

जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि॥2॥

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि। यत्पूजितं

मया देवि परिपूर्ण तदस्तु मे॥3॥

अपराधशतं कृत्वा जगदम्बेति चोच्चरेत्। यां गतिं समवापनेति न

तां ब्रह्मादय: सुरा:॥4॥

सापराधोऽस्मि शरणं प्राप्तस्त्वां जगदम्बिके।

इदानीमनुकम्प्योऽहं यथेच्छसि तथा कुरु॥5॥

अज्ञानाद्विस्मृतेभ्र्रान्त्या यन्न्यूनमधिकं कृतम्। तत्सर्व

क्षम्यतां देवि प्रसीद परमेश्वरि॥6॥

कामेश्वरि जगन्मात: सच्चिदानन्दविग्रहे।

गृहाणार्चामिमां प्रीत्या प्रसीद परमेश्वरि॥7॥

गुह्यातिगुह्यगोप्त्री त्वं गृहाणास्मत्कृतं जपम्। सिद्धिर्भवतु मे

देवि त्वत्प्रसादात्सुरेश्वरि॥8॥

Let me know how you find this blog on Shivratri 2019?

Soham,

Nirav Hiingu

 

1 Comment

  1. Great post Nirav Bhai. You have immense knowledge.. thank you for sharing it with the world so selflessly. Om Namah Shivay 🙏

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A Blog by Nirav Hiingu

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