कुछ हफ्ते पहले मैंने चूहा भागाने के वैदिक मंत्र प्रयोग पर एक विस्तृत लेख साझा किया था। उसी विषय पर, जब मैं अपने वास्तु गुरु डॉ. राजेंद्र जैन का ऑनलाइन कोर्स कर रहा था, तो एक विद्यार्थी ने पूछा:
“सर, Chuha Kaise Bhagaye? मेरे घर में चूहों का बहुत ज्यादा उपद्रव है।”
जैन साहेब ने उस समय एक बहुत सरल लेकिन बेहद असरदार जैन पद्धति का उपाय बताया।
आज उसी प्रयोग को सरल भाषा में आपके लिए प्रस्तुत कर रहा हूँ।

जैन पद्धति से चूहा भगाने का सरल उपाय
सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि किसी भी मंत्र प्रयोग में शुद्धता, आस्था और निष्ठा अनिवार्य है। आधी मन से किया गया प्रयोग परिणाम नहीं देता।
मंत्र प्रयोग की तैयारी
प्रयोग की शुरुआत सुबह के समय की जाए:
- प्रातः काल उठकर स्नान करें
- दैनिक पूजा करें
- गुरु गणेश का स्मरण करें
- शुद्ध वस्त्र पहनें
- सफ़ेद आसन पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें
- गुरु गणेश और अपने इष्ट मंत्र की 1 माला करें इसके बाद:
- रास्ते की धूल (जो पहले से एक कटोरी में संचित हो) अपने सामने रखें
- अब मंत्र जाप प्रारंभ करें

Chuha Kaise Bhagaye – जैन मंत्र प्रयोग की विधि
अब मुख्य मंत्र जाप इस प्रकार किया जाता है:
मंत्र (1080 बार जप)
“टेम टेम टेम मार टेम स्वाहा ॥”
इस मंत्र को 1008 बार जपना आवश्यक है। जप पूर्ण होने के बाद:
मंत्र-सिद्ध की हुई धूल को घर, दुकान या स्थान के उन हिस्सों में छिड़क दें , जहाँ चूहों का अधिक उपद्रव होता है

कितने दिनों में परिणाम मिलता है?
जैन पद्धति के अनुसार, मंत्र सिद्ध धूल का प्रभाव 1 सप्ताह में दिखाई देने लगता है। और अधिकतम 1 माह के भीतर चूहे उस स्थान पर आना पूरी तरह बंद कर देते हैं।
यह उपाय प्रभावशाली क्यों है?
वैज्ञानिक और ऊर्जात्मक दृष्टि से कारण
- मंत्र ध्वनि तरंगें स्थान की ऊर्जा बदलती हैं
- ऊर्जा परिवर्तन से चूहे असहज महसूस करते हैं
- धूल के कण और उसकी सुगंध उनके मार्ग को बाधित करती है
- इस प्रकार वे उस क्षेत्र को छोड़कर अन्यत्र चले जाते हैं

Chuha Kaise Bhagaye
यदि आप Chuha Kaise Bhagaye का प्रभावी उपाय खोज रहे हैं, तो जैन पद्धति का यह मंत्र प्रयोग सरल, सुरक्षित और अत्यंत असरदार है।
सही विधि, शुद्ध भाव और निष्ठा से किया गया यह प्रयोग, आपके घर या दुकान को चूहों के उपद्रव से मुक्त कर सकता है।
आपका अपना,
नीरव हिंगु
गूढ़ विज्ञान एवं वास्तु शोधकर्ता


